*लिबास केसा हो*?
⭕आज का सवाल नो.११९१⭕
लिबास केसा पहनना चाहिए और केसा नहीं पहनना चाहिए उस की कया शर्तें हैं?
🔵जवाब🔵
حامدا و مصلیا و مسلما
लिबास जिस तरह का भी पहना जाये जाइज़ हे , बशर्ते के इन में ये बाते ज़रूरी हैं.
१.⃣ औरतो का लिबास इतना छोटा या बारीक़ और चुस्त न हो जिससे उनके जिस्म की बनावट और वो आज़ा ज़ाहिर हो जाये जिन्हे छुपाना वाजिब हे.
क़ुरआन में अल्लाह ताला का इरशाद हे के 'अय आदम की अवलाद, हमने तुम्हारे लिए ऐसा लिबास उतारा जो तुम्हारी पोशीदा और शर्म की चीज़ों को छुपाता हे. और जो तुम्हारे लिए ज़ीनत का सबब बनता है, और तक़वा का लिबास तुम्हारे लिए बेहतर हे'
२.⃣ लिबास में गैर मुस्लिमो और काफिरो जैसी मुसबाहत-कॉपी न हो, के उस लिबास को देखे तो कोई खास क़ौम का लिबास समझा जाये.
३.⃣ जिस लिबास से गुरूर व तकब्बुर पैदा होने का अंदेशा हो या उसके पहनने से इसराफ़-फ़ुज़ूल खर्ची होती हो तो उससे बचना ज़रूरी है, हजुर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का इरशाद हे के *'जो शख्स दुनिया में शोहरत वाला लिबास पहनेगा क़ियामत के दीन अल्लाह ता'आला उसको वही लिबास पहनायेगा और जहन्नम में डालेगा.*
📚अबू दावूद ५५८
इब्ने माजाह २५७
मिश्क़ात शरीफ ३७५
४.⃣ बारीक़ कपडा जिससे बदन के अंदर का हिस्सा व् जिस्म नज़र आये शिफॉन, नायलोन, नेट का बारीक़ लिबास पहनना उसी वक़्त जाइज़ होगा जब अंदर भी कुछ पहना हुआ हो. या अस्तर लगाया हो, वरना इस तरह का कपडा पहनना नाजाइज़ हे और ये कपडे पहन कर नमाज़ भी नहीं होती. आज कल औरतें आस्तीन में से पुरे बाज़ू नज़र आते है चौथाई बाज़ू या चौथाई हाथ खुला रहे तो नमाज़ नहीं होगी (हदया इ ख्वातीन)
५.⃣ माली इस्तिता'त से ज़ियादह क़ीमत के लिबास का एहतेमाम न करे.
६.⃣ मालदार शख्स इतना घटिया लिबास न पहने के देखने वाला उसे मुफ़लिस-गरीब समजे.
७.⃣ मर्दो को असली रेशम का लिबास पहनना हराम हे.
८.⃣ खालिस सुर्ख-लाल लिबास पहनना मर्दो क लिए मकरूह हे. कोई और रंग भी सुर्ख -लाल के साथ मिला हो तो फिर मकरूह नहीं.
📗मिश्क़ात शरीफ ३७५
📕आप के मसाइल और उनका हल ७/१४७.
📔तोषा ए मोमिन १८२.
و الله اعلم بالصواب
✏मुफ़्ती इमरान इस्माइल मेमन
🕌उस्ताज़े दारुल उलूम रामपुरा, सूरत, गुजरात, इंडिया.
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